Data Center in Space: AI के नए भविष्य की कहानी

AI Data Center in Space?

Why Data Center In Space

StarCloud का लक्ष्य विशाल GPU क्लस्टर को अंतरिक्ष में स्थापित करना है ताकि AI कंप्यूटिंग को अधिक कुशल बनाया जा सके और पृथ्वी के सीमित संसाधनों पर बोझ कम हो सके पृथ्वी पर डेटा सेंटर बहुत अधिक बिजली और कूलिंग के लिए ताजे पानी का उपयोग करते हैं। अंतरिक्ष में ये सौर ऊर्जा का उपयोग करेंगे और गर्मी को ‘डीप स्पेस’ में रेडिएट करेंगे, जिससे पानी की जरूरत नहीं पड़ेगी। 

  • पहला सफल लॉन्च: 2 नवंबर, 2024 को उन्होंने “StarCloud 1” लॉन्च किया, जो अंतरिक्ष में NVIDIA H100 GPU ले जाने वाला पहला उपग्रह बना। 
  • अगला मिशन: अक्टूबर 2025 में वे अपना दूसरा उपग्रह लॉन्च करेंगे, जिसमें NVIDIA Blackwell आर्किटेक्चर और 10 गुना अधिक क्षमता होगी। 

यह डाटा सेंटर अंतरिक्ष में सोलर ऊर्जा का उपयोग करके बिजली उत्पन्न करेंगे और इंफ्रारेड लेजर तकनीक को इस्तेमाल करते हुए डाटा को पृथ्वी तक पहुंचाएंगे इससे AI कंपनियों को अनलिमिटेड कंप्यूटिंग पावर और स्पीड मिल सकेगी।

सबसे बड़ी चुनौती रेडिएशन (विकिरण) से बचाव और तापमान नियंत्रण (Thermal Management) है। टीम ने विशेष ‘डिप्लॉयबल रेडिएटर्स’ विकसित किए हैं ताकि गर्मी को अंतरिक्ष में निकाला जा सके यह छोटा प्रोटोटाइप उपग्रह अंतरिक्ष में अब तक संचालित किसी भी कंप्यूटर की तुलना में 100 गुना अधिक शक्तिशाली है।

क्या सच में AI भविष्य अंतरिक्ष में है?

जहाँ AI तकनीक लगातार विकास कर रही है, वहीं उसकी ऊर्जा जरूरतें भी बढ़ती जा रही हैं। Starcloud जैसे प्रोजेक्ट दिखाते हैं कि भविष्य सिर्फ धरती तक सीमित नहीं है AI डेटा सेंटर अब अंतरिक्ष में भी जा रहे हैं। यह कदम AI तकनीक की रेस को एक नया मोड़ दे सकता है और दुनिया भर की AI क्षमता को भी पूरी तरह बदल सकता है।

FAQ


Share:-

You May Be Interested In-

  1. Android 16 New Features Update: यूज़र्स को क्या फायदा?
  2. Starlink Internet Service भारत में: कब लॉन्च होगी, कितनी कीमत होगी और क्या मिलेगा? पूरी डिटेल पढ़ें

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *