आज हम सबके बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इतना तेज विकसित हो रहा है लेकिन उसके पीछे सबसे बड़ी ताकत उसके डाटा सेंटर की ऊर्जा और क्षमता की है। डाटा सेंटर की इसी जरूरत को पूरा करने के लिए एक अमेरिकी कंपनी Starcloud ने अंतरिक्ष आधारित डाटा सेंटर (Data Center in Space) बनाने का नया प्रोजेक्ट शुरू किया है। इस घोषणा ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अंतरिक्ष की दौड़ में एक नई प्रतियोगिता शुरू कर दी है जो खासकर AI की फील्ड में प्रतिस्पर्धा का नया दौर है।

AI Data Center in Space?
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को संचालित करने के लिए बहुत अधिक कंप्यूटिंग पावर और ऊर्जा की आवश्यकता होती है आज पृथ्वी पर मौजूद सभी डाटा सेंटर बहुत ज्यादा जगह लेते हैं बहुत ज्यादा बिजली की खपत करते हैं और इन्हें ठंडा करने के लिए पानी और ऊर्जा की बहुत ज्यादा जरूरत होती है।आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी इन्हीं सभी समस्याओं का समाधान करने के लिए Starcloud ने यह प्रोजेक्ट को शुरू किया है क्योंकि उसका तर्क है कि अंतरिक्ष में सोलर पावर असीमित है और वहां का तापमान भी स्वाभाविक रूप से ठंडा होता है।
Why Data Center In Space
StarCloud का लक्ष्य विशाल GPU क्लस्टर को अंतरिक्ष में स्थापित करना है ताकि AI कंप्यूटिंग को अधिक कुशल बनाया जा सके और पृथ्वी के सीमित संसाधनों पर बोझ कम हो सके पृथ्वी पर डेटा सेंटर बहुत अधिक बिजली और कूलिंग के लिए ताजे पानी का उपयोग करते हैं। अंतरिक्ष में ये सौर ऊर्जा का उपयोग करेंगे और गर्मी को ‘डीप स्पेस’ में रेडिएट करेंगे, जिससे पानी की जरूरत नहीं पड़ेगी।
- पहला सफल लॉन्च: 2 नवंबर, 2024 को उन्होंने “StarCloud 1” लॉन्च किया, जो अंतरिक्ष में NVIDIA H100 GPU ले जाने वाला पहला उपग्रह बना।
- अगला मिशन: अक्टूबर 2025 में वे अपना दूसरा उपग्रह लॉन्च करेंगे, जिसमें NVIDIA Blackwell आर्किटेक्चर और 10 गुना अधिक क्षमता होगी।
यह डाटा सेंटर अंतरिक्ष में सोलर ऊर्जा का उपयोग करके बिजली उत्पन्न करेंगे और इंफ्रारेड लेजर तकनीक को इस्तेमाल करते हुए डाटा को पृथ्वी तक पहुंचाएंगे इससे AI कंपनियों को अनलिमिटेड कंप्यूटिंग पावर और स्पीड मिल सकेगी।
Starcloud कंपनी के संस्थापकों के पास NASA, SpaceX और Microsoft जैसे संस्थानों का अनुभव है, जो कंप्यूटर चिप्स को अंतरिक्ष के कठोर वातावरण में चलाने के लिए काम कर रहे हैं AI की रेस असल में ऊर्जा और कंप्यूटिंग पावर की रेस है।
सबसे बड़ी चुनौती रेडिएशन (विकिरण) से बचाव और तापमान नियंत्रण (Thermal Management) है। टीम ने विशेष ‘डिप्लॉयबल रेडिएटर्स’ विकसित किए हैं ताकि गर्मी को अंतरिक्ष में निकाला जा सके यह छोटा प्रोटोटाइप उपग्रह अंतरिक्ष में अब तक संचालित किसी भी कंप्यूटर की तुलना में 100 गुना अधिक शक्तिशाली है।
क्या सच में AI भविष्य अंतरिक्ष में है?
जहाँ AI तकनीक लगातार विकास कर रही है, वहीं उसकी ऊर्जा जरूरतें भी बढ़ती जा रही हैं। Starcloud जैसे प्रोजेक्ट दिखाते हैं कि भविष्य सिर्फ धरती तक सीमित नहीं है AI डेटा सेंटर अब अंतरिक्ष में भी जा रहे हैं। यह कदम AI तकनीक की रेस को एक नया मोड़ दे सकता है और दुनिया भर की AI क्षमता को भी पूरी तरह बदल सकता है।
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